Leela with Vandna Shri
- ब्रज वंदना (चारकुला नृत्य)
- श्री राधिका जन्मोत्सव लीला
- श्री कृष्ण अवतार लीला
- नन्द महोत्सव गोकुल लीला
- श्री कृष्ण बाल लीला
- माखन चोरी लीला
- गौचरण लीला
- चीर हरण लीला
- राधा कृष्ण प्रेमलीला
- पनघट लीला
- गोवर्धन लीला
- मयूर नृत्य लीला
- मान लीला
- डांडिया रास लीला
- कृष्ण विवाह मनुहार लीला
- श्री राधिका मंगलम लीला
- लठमार होली
- फूलों की होली
- श्री जमुना चुनरी महोत्सव
- झूलन उत्सव
- जेहर नृत्य
- माता कात्यायनी लीला
- गोपी गीत लीला
- महारास लीला
- द्वारका लीला
- रूक्मणी मंगलाम लीला
- नरसी चरित्र
- मीरा चरित्र
- सीता स्वंयवर
- शिव लीला
The Life Sketch of the Spectacular International Spiritual Speaker & Singer - Vandna Shri
श्री कृष्ण बाल लीला
श्री कृष्ण बाल लीला
कान्हा को नंद बाबा अपने हाथों से खिला रहे हैं खाना
आज कान्हा अपने धीरे धीरे कदम बढ़ाते चल रहे हैं गोकुल की गलियों में. उन्हें देख गोपियां निहार रही हैं.अपने बाल लीला से सभी गोकुल वासियों का मन मोह लिया है कान्हा ने. नंद बाबा और यशोदा, कान्हा को अपने हाथों से खाना खिला रहे हैं. सुबह होते ही गोपियां और कान्हा के सखा उनकी प्रतीक्षा कर रहे हैं.
कान्हा रोज़ कहीं न कहीं से माखन चोरी कर के अपने सखा को खिलाते हैं. गोकुल के सभी लोग कान्हा की प्रतीक्षा कर रहे हैं कि वो कब आएंगे और उनके घर से माखन चोरी करके जाएंगे. किसी ने अपने घर के द्वार खुले रखे हैं तो कोई अपने हाथ में माखन के कटोरे लिए उनका इंतज़ार कर रहा है .